Pithoragarh Landslide: उत्तराखंड के चमोली जिले में बर्फीले तूफान के बाद बर्फ के नीचे दब गए मजदूरों को निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन 40 घंटे बाद भी जारी है. इसी बीच राज्य के पिथौरागढ़ जिले में भी बड़ा हादसा हो गया है. जिले के धारचूला इलाके में तवाघाट-लिपुलेख हाइवे पर शनिवार को अचानक पहाड़ी खिसकने के कारण आए मिट्टी-मलबे के सैलाब में आधा दर्जन मजदूर दफन हो गए. नजंग के पास यह हादसा उस समय हुआ, जब सड़क निर्माण में लगे मजदूर आराम से बैठकर चाय पी रहे थे. इसी दौरान पहाड़ खिसकने से मिट्टी और मलबा हाइवे पर उसी जगह आ गिरा, जहां वे मजदूर बैठे थे. इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई है, जबकि 5 अन्य मजदूर मलबे में फंसे हैं. मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
थकान मिटाने के लिए सड़क किनारे बैठे थे मजदूर
धारचूला के करीब तवाघाट-लिपुलेख हाइवे पर सारथी कंपनी सड़क निर्माण कर रही है. शनिवार दोपहर करीब 1.30 बजे मजदूर थकान मिटाने के लिए सड़क किनारे बैठकर चाय पी रहे थे. इसी दौरान अचानक पहाड़ी से मिट्टी खिसक गई. मिट्टी और मलबे का सैलाब नीचे सड़क पर आ गया. मजदूर भारी बोल्डर और मलबे की चपेट में आ गए, जिससे एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए हैं.
नेपाल निवासी था मरने वाला मजदूर
घटना की सूचना मिलते ही पांगला थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में संतोष सिंह पुत्र चंद्र सिंह की मौत हुई है, जो नेपाल के दार्चुला के नौगाड़ इलाके के वार्ड नंबर 6 का रहने वाला था. इसके अलावा एक अन्य मजदूर की हालत गंभीर है, जो मृत मजदूर का ही भाई है. उसकी पहचान गणेश सिंह ठकुन्ना पुत्र चंद्र सिंह, निवासी नौगाड़, धुलीगड़ा, दार्चुला के तौर पर की गई है. अन्य घायलों में कंपनी के चौकीदार वीरेंद्र सिंह पुत्र कल्याण सिंह, निवासी जिप्ती पांगला, धारचूला और दीपक सिंह ठगुन्ना पुत्र दलजीत सिंह, निवासी नौगाड़, धुलीगड़ा, दार्चुला शामिल हैं. ये सब भी बुरी तरह जख्मी हैं. इनके अलावा राकेश जोशी और सुरेश कुमार को भी मामूली चोट हैं. सभी घायलों को धारचूला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है.
इलाके में जारी किया गया है अलर्ट
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भूस्खलन का अलर्ट जारी कर दिया गया है. दरअसल पिछले 2-3 दिन से इलाके में बारिश हो रही है. बारिश के दौरान इस इलाके में चट्टानों का खिसकना और भूस्खलन होना आम बात है. इसी कारण पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने सड़क निर्माण में लगी कंपनियों को मजदूरों की सुरक्षा के लिए अलर्ट किया है. साथ ही संवेदनशील इलाकों में पहाड़ की हरकत की निगरानी भी शुरू की गई है. टूरिस्ट्स से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है. बता दें कि तवाघाट-लिपुलेख हाइवे इस इलाके की अहम सड़क है, जो चीन सीमा तक जाती है और नेपाल को भी उत्तराखंड से जोड़ती है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.
- Log in to post comments

Tawaghat-Lipulekh हाइवे पर दिसंबर में भी जबरदस्त भूस्खलन हुआ था. (फाइल फोटो)
Chamoli Avalanche रेस्क्यू के बीच धारचूला में भी आपदा, चाय पीते मजदूर मलबे में दबे, 1 मरा और 5 घायल