डीएनए हिंदी: Ghazipur News- उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने बाहुबली माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है. इस अभियान में पूर्वी यूपी में तीन दशक से खौफ का साम्राज्य चला रहे माफिया गैंगस्टर मुख्तार अंसारी और उसके परिवार के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है. मुख्तार कई मामलों में सजा घोषित होने के बाद जेल में बंद है, जबकि उसका बेटा भी जेल में है. मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी को भी सजा होने के बाद गाजीपुर सीट से संसद सदस्यता गंवानी पड़ी है और वो भी अब जेल में है. मुख्तार की संपत्तियों पर भी यूपी सरकार का बुलडोजर चल चुका है. इसके बावजूद मुख्तार का खौफ लोगों के दिलों से कम नहीं हो पा रहा है. इसका नजारा उस समय देखने को मिला, जब गाजीपुर के धनेठा गांव में अफजाल अंसारी के कुर्क किए आम के बाग के फलों को गाजीपुर जिला प्रशासन नीलाम नहीं कर सका. प्रशासन को बोली लगाने वाले ही नहीं मिले. अब इसकी बोली दोबारा आयोजित की जाएगी.
जो बोली लगाने आए, वो भी बहाना बनाकर वापस लौटे
मोहम्मदाबाद तहसील के भांवरकोल थाना इलाके के धनेठा गांव में अफजाल अंसारी के करीब 10 बीघा एरिया वाले बाग में आम के 70 पेड़ हैं. इन पेड़ों पर लगे आमों की ही बोली लगनी थी. इसके लिए कई लोग बोली लगाने भी पहुंचे. हालांकि बोली लगाने के लिए आए सभी लोग चुपचाप वहां से वापस चले गए. इन सभी ने वापस जाने का कारण बोली के लिए प्रशासन की तरफ से रखी गई धनराशि का आम की अनुमानित कीमत से अधिक होना बताया है. हालांकि नाम नहीं छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने कहा कि वे मुख्तार अंसारी के बाग की बोली नहीं लगा सकते. नीलामी की राशि ज्यादा होने की बात इसलिए भी महज बहाना लग रही है, क्योंकि प्रशासन ने 179 कुंतल आम के फल का अनुमान लगाकर 3.58 लाख रुपये कीमत तय की थी. बाजार में आम का भाव पकने के बाद सामान्य तौर पर 30 से 40 रुपये किलोग्राम के बीच रहता है. ऐसे में यह आम 7 लाख रुपये से ज्यादा कीमत का था.
दोबारा बोली लगवाएगा प्रशासन
बोली नहीं लगने की की पुष्टि नीलामी अधिकारी नायब तहसीलदार मजिस्ट्रेट विश्राम यादव ने भी की है. उन्होंने कहा कि दोबारा बोली लगवाने की कागजी कार्यवाही की जाएगी ताकि नीलामी प्रक्रिया को पूरा किया जा सके और सरकार को राजस्व का नुकसान नहीं हो. बोली के लिए जल्द ही अगली तारीख तय की जाएगी.
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