डीएनए हिंदी: उत्तराखंड के कोटद्वार के एक गांव में बाघ की दहशत मच गई है. गांव में दो बाघ देखे जाने के बाद से गांव के लोग अपने घरों में दुबक गए हैं और अपने जानवरों को भी अंदर ही रख रहे हैं. हाल ही में एक बुजुर्ग को बाघ ने मार डाला था. इसके अलावा गांव के लोगों का यह भी कहना है कि जंगल से लोगों का पीछा करके बाघ लोगों के घरों तक आ जा रहे हैं. वन विभाग की टीमें और पुलिस इलाके में सक्रिय हैं लेकिन अभी तक इन बाघों को पकड़ा नहीं जा सका है.
लड्वासैंण गांव में 66 साल के वीरेंद्र सिंह गुरुवार को घर से 100 मीटर दूर अपने खेत में थे. इसी दौरान बाघ ने उनको दबोच लिया. ग्रामीणों ने शोर मचाया लेकिन लगभग एक घंटे तक बाघ ने वीरेंद्र सिंह को दबेचो रखा. जब गांव के लोगों ने मशालें जलाकर फेंकी तब जाकर बाघ उन्हें छोड़कर चला गया. हालांकि, तब तक उनकी मौत हो गई थी.
यह भी पढ़ें- दिल्ली मेट्रो में महिला के शरीर से टच किया था अपना प्राइवेट पार्ट, अब पुलिस ने कर लिया गिरफ्तार
लगातार जारी है वन विभाग की गश्त
लोगों ने बताया शव के पीछे-पीठे बाघ गांव तक आ गया था. बड़ी मुश्किल से वन विभाग की टीम ने फायरिंग करके उसे भगाया. मामला सामने आने के बाद कालागढ़ टाइगर रिजर्व फॉरेस्ट की अदनाला रेंज के अधिकारी नवीन जोशी ने बताया कि वह भी रात में गश्त कर रहे थे और दो बार बाघ दिखाई भी दिया.
यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र के खोपोली में खाई में जा गिरी बस, अब तक 12 की मौत और 25 लोग घायल
बाघों को पकड़ने के लिए दो सशस्त्र टीमें तैनात की गई हैं. इसके अलावा कैमरे लगाकर भी बाघों पर नजर रखी जा रही है. ग्रामीणों ने बताया है कि दो बाघों को गांव में देखा गया है. दहशत का माहौल ऐसा है कि अभी तक गांव के लोग डरे हुए हैं और वे अपने जानवरों को चरने के लिए भी नहीं छोड़ रहे हैं.
देश-दुनिया की ताज़ा खबरों Latest News पर अलग नज़रिया, अब हिंदी में Hindi News पढ़ने के लिए फ़ॉलो करें डीएनए हिंदी को गूगल, फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम पर.
- Log in to post comments

Representative Image
इंसानों के पीछे-पीछे घर तक आ गया टाइगर, उत्तराखंड के इस गांव में बाघ के आंतक से घरों में दुबके लोग