बिहार विधानसभा को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं. हालांकि, इस चुनावी रण में लालू के लाल के अलग रंग दिखाए दे रहे हैं. जो कानून दशक से चला आ रहा है उन्होंने उसे बदलने का ऐलान कर दिया है. गुरुवार को तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस कर ताड़ी से बैन हटाने का वादा कर दिया है. अधिकांश लोगों को युवा नेताओं से उम्मीद होती है कि वो इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करेंगे, स्कूल-कॉलेज खोलने और रोजगार जैसे मुद्दों पर बात करेंगे लेकिन तेजस्वी यादव ने प्रेस कांफ्रेंस में महज ताड़ी की बात पर जोर दिया.
शराबबंदी से खुश महिलाएं
बिहार में शराबबंदी के फैसले से अगर कोई खुश है तो वो हैं महिलाएं. महिलाओं का कहना है कि परिवार का जो पैसा शराब में जाता था, अब वो बचता है. लेकिन तेजस्वी यादव शराबबंदी कानून में बदलाव लाना चाहते हैं. ये बदलाव वो पासी समाज के लिए करना चाहते हैं. आपको बता दें कि पासी समुदाय बिहार में ताड़ी बेचने का काम करता है. अब ऐसे में तेजस्वी यादव द्वारा शराबबंदी कानून में बदलाव करने का ऐलान इन महिलाओं को नाराज कर सकता है. एक तरफ जहां नीतीश कुमार ने शराब बंदी के साथ महिलाओं के लिए कई योजनाओं का ऐलान किया है. इसे 50 फीसदी आबादी प्रसन्न है. अब देखना ये होगा कि बिहार में 2 फीसदी पासी समाज के लिए तेजस्वी 50 फीसदी आबादी से पंगा लेंगे या नहीं.
तेजस्वी ने किया ताड़ी से बैन हटाने का वादा
तेजस्वी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि शराबबंदी कानून ने लोगों को परेशान करके रख दिया है. शराबबंदी के चलते ताड़ी पर भी बैन लग गया है. गरीब समाज के लोगों को पुलिस परेशान कर रही है. इसलिए जब उनकी सरकार आएगी तो ताड़ी पर से बैन हटाएगी. तेजस्वी यादव ने कहा कि वो शराब मुक्त राज्य बनावा चाहते हैं लेकिन ये कानून पथ से भटक गया है.
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शराबबंदी में उलझे तेजस्वी यादव के लिए ताड़ी बनेगा चुनावी हथियार! महिलाओं को नाराज करने का रिस्क तो नहीं ले रहे लालू के लाल