दिवंगत बिजनेसमैन रतन टाटा की वसीयत सामने आने के बाद एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस वसीयत में उन्होंने अपनी संपत्ति का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा एक व्यक्ति के नाम किया है जिन्हें बहुत कम लोग ही जानते हैं. इस वसीयत के सामने आने के बाद ये सवाल उठ रहा है कि यह व्यक्ति कौन है और उसका रतन टाटा से क्या संबंध रहा है, तो बता दें कि इनका नाम है मोहिनी मोहन दत्ता है. ये खबर सामने आते ही टाटा परिवार से लेकर बिजनेस वर्ल्ड तक में हलचल मच गई है.
करीब 60 साल पुराना नाता
बताया जा रहा है कि मोहिनी मोहन दत्ता का रतन टाटा से करीब 60 साल पुराना नाता है. वह जमशेदपुर के रहने वाले एक ट्रैवल बिजनेसमैन है. बताया जाता है कि उनके पास स्टैलियन नाम की ट्रैवल एजेंसी थी, जो 2013 में ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के साथ विलय कर दी गई थी. मोहिनी मोहन दत्ता टाटा समूह की पूर्व सहयोगी कंपनी टीसी ट्रैवल्स में सर्विसेज के डायरेक्टर भी रहे हैं. दत्ता और रतन टाटा की पहली मुलाकात जमशेदपुर के डीलर्स हॉस्टल में हुई थी. दोनों गहरे दोस्त थे.
परिवार समेत टाटा समूह में मची हलचल
जैसे ही ये मामला समाने आया रतन टाटा के परिवार समेत पूरे ग्रुप में हलचल मच गई. रतन टाटा की वसीयत के एग्जीक्यूटर्स ने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है. उनकी सौतेली बहनें शिरीन और डीना जेजीभोय, डेरियस खंबाटा और मेहली मिस्त्री से जब इस पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने भी इस विषय पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. दत्ता का नाम सामने आने के बाद लोग ये जानने के लिए उत्सुक है कि आखिर रतन टाटा ने संपत्ति का इतना बड़ा हिस्सा दत्ता के नाम क्यों किया.
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.
- Log in to post comments

Tata Group latest news
Ratan Tata will: मोहिनी के लिए छोड़ गए 500 करोड़, जानें कौन है यह शख्स जिस पर था रतन टाटा को इतना भरोसा