गुरुग्राम (Gurugram) के डीएलएफ फेस टू क्षेत्र में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने अवैध निर्माण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा कदम उठाया है. इस कार्रवाई के तहत, विभाग ने 650 मकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. इन नोटिसों में मकान मालिकों से सात दिनों के भीतर उनके मकान का बिल्डिंग प्लान और आक्यूपेशन सर्टिफिकेट की कापी जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग का कहना है कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में लंबित याचिका के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है.
अब तक 4000 मकानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं
सर्वे के दौरान, डीएलएफ फेस एक से पांच में अवैध निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को लेकर 4000 से ज्यादा मकानों का सर्वे किया गया है. इनमें से सबसे अधिक मकान ईडब्ल्यूएस श्रेणी के हैं, जहां सात से आठ मंजिलों तक का निर्माण किया गया है. विभाग ने डीएलएफ फेस तीन, चार और पांच में भी बड़ी संख्या में मकानों को नोटिस जारी किए हैं.
कोर्ट के फैसले के बाद कार्रवाई का अगला चरण
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में लंबित याचिका की सुनवाई 23 जनवरी को पूरी हो चुकी है, और अब अदालत का फैसला आने की प्रतीक्षा की जा रही है. इसके बाद विभाग की तरफ से मकानों पर पुनर्निर्माण के आदेश दिए जाएंगे, जिनमें व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने और अवैध निर्माण हटाने का निर्देश होगा. अगर मकान मालिक समय पर कार्रवाई नहीं करते, तो विभाग सीलिंग, तोड़फोड़ और आक्यूपेशन सर्टिफिकेट रद्द करने की सजा भी दे सकता है.
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4000 घरों को कारण बताओ नोटिस, 7 दिन में कार्रवाई का अलर्ट, एक्शन के बाद इलाके में खलबली