Korba Raipur: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक सरकारी आवासीय विद्यालय की 11वीं कक्षा की छात्रा द्वारा समय से पहले बच्चे को जन्म देने की घटना सामने आई है. गर्भावस्था के 7वें या 8वें महीने में जन्मी बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है. मामले की जानकारी मिलने के बाद विद्यालय की अधीक्षिका को निलंबित कर दिया गया है.
हॉस्टल में नवजात को खिड़की से फेंका गया
मामला कोरबा जिले के पोड़ी गांव स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का है, जिसे आदिवासी विकास विभाग संचालित करता है. घटना तब उजागर हुई जब सोमवार देर रात छात्रा ने हॉस्टल के टॉयलेट में बच्चे को जन्म दिया और नवजात को खिड़की से बाहर फेंक दिया। अन्य छात्राओं ने सुपरिटेंडेंट को बताया कि छात्रा देर रात से उल्टी कर रही थी. अस्पताल में भर्ती होने के बाद छात्रा ने स्वीकार किया कि उसने बच्चे को जन्म दिया और उसे खिड़की से फेंका. नवजात शिशु को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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सुपरिटेंडेंट निलंबित
कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हॉस्टल सुपरिटेंडेंट जय कुमारी रात्रे को निलंबित कर दिया है. कलेक्टर ने कहा कि अधीक्षिका को यह जानने में लापरवाही हुई कि छात्रा गर्भवती थी. स्वास्थ्य और महिला एवं बाल विकास विभाग को मामले की जांच का आदेश दिया गया है. कोरबा मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश वर्मा के मुताबक, नवजात को गंभीर नवजात देखभाल वार्ड (SNCU) में भर्ती किया गया है. बच्ची के फेफड़े पर चोट के निशान पाए गए हैं, और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. घटना ने स्कूल प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की जांच जारी है. अधिकारियों ने छात्राओं की सुरक्षा और निगरानी को लेकर सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया है.
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