Cricket Drug Rules: एथलेटिक्स और ओलंपिक खेलों में नशा करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. खिलाड़ी नशा करके और ड्रग्स लेकर प्रतियोगिता में शामिल नहीं हो सकता है. क्रिकेट का खेल भी इन नियमों से अलग नहीं है. क्रिकेट में ड्रग्स के सेवन पर प्रतिबंध लगा हुआ है. अगल क्रिकेटरों को नशा करते हुए पकड़ लिया जाता है तो उसे सजा भी जाती है. चलिए आपको बताते हैं कि, स्पोर्ट्स में नशा प्रतिबंध को लेकर क्या नियम हैं.
स्पोर्ट्स में नशे पर प्रतिबंध?
सभी खेलों में एथलीटों को डोप टेस्ट करवाना होता है. इससे पता चल जाता है कि, एथलीट ड्रग्स का सेवन करके तो नहीं आया है. इससे शरीर में ड्रग्स की मात्रा का पता चलता है. इसी प्रकार क्रिकेट में ड्रग्स और किसी भी तरह का नशा करने पर प्रतिबंध लगा हुआ है.
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क्रिकेट में कई बार खिलाड़ियों को शराब और कोकेन समेत कई तरह का नशा करते हुए पकड़ा गया है. ऐसे में उन्हें सजा मिलती है और कई बार बैन लगा दिया जाता है. क्रिकेट के इतिहास में कई बार खिलाड़ियों पर नशा करने के कारण प्रतिबंध लगा है. चलिए ऐसे कुछ मामलों के बारे में आपको बताते हैं.
क्या है नशा करने पर सजा?
एथलीट को नशे में पकड़े जाने पर वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी सजा का फैसला करती है. एक बार पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को पकड़ा गया था तो शोएब अख्तर को 2006 चैंपियंस ट्रॉफी के स्क्वाड से बाहर कर दिया गया था. शोएब अख्तर पर 2 साल का बैन भी लगा था.
साल 2019 में इंडियन क्रिकेटर पृथ्वी शॉ पर डोपिंग का उल्लंघन करने के कारण बैन लगा था. पृथ्वी शॉ को टर्ब्यूटेलीन नाम के ड्रग का सेवन करते हुए पकड़ा गया था. खबरों के मुताबिक, पृथ्वी शॉ को 8 महीने के लिए बैन किया गया था. इसके अलावा भी युसुफ पठान, शेन वॉर्न और इयान बोथम को पकड़ा गया था.
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Drug Doping in Cricket
एथलीट की तरह क्रिकेटर भी नहीं कर सकते हैं नशा, जानें क्या है नियम?