Bird flu in Andhra Pradesh- बर्ड फ्लू दुनियाभर में हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए चिंता का विषय बन चुका है. भारत में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में बर्ड फ्लू, एच5एन1 (Bird Flu H5N1) के प्रकोप के कारण लाखों मुर्गियों की मौत हो गई है. ऐसे में आंध्र प्रदेश सरकार ने बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं और 3 प्रभावित जिलों में सख्त रोकथाम उपाय लागू किए गए हैं.
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मंत्री के. अच्चन्नायडू ने बताया कि राज्य सरकार तत्काल सतर्क हो गई है और उसने चार प्रभावित पोल्ट्री फार्म में लगभग 14,000 मुर्गियों को मारने और दफनाने तथा 340 अंडों को नष्ट करने के लिए सरकारी मशीनरी को सक्रिय कर दिया है.
बर्ड फ्लू
बर्ड फ्लू संक्रामक है, जो इंसानों की मौत का कारण भी बन सकता है. यह मुर्गियों, बत्तखों और गायों के जरिए इंसानों में फैल सकता है. बर्ड फ्लू संक्रमण के मुर्गियों और गायों द्वारा इंसानों में फैलने के बाद लोगों के मन में अक्सर ये सवाल आता है कि क्या इस दौर में दूध, अंडा और चिकन खाना चाहिए? आइए जानें इसके बारे में...
Bird Flu में दूध, अंडा और चिकन खाना कितना सेफ?
बर्ड फ्लू को एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस भी कहा जाता है और इस संक्रमण का इलाज सही वक्त पर न किया जाए, तो व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. डाइटिशियन्स के मुताबिक बर्ड फ्लू के खतरे के बीच दूध, अंडे और चिकन खाना कितना सेफ है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इन चीजों कैसे पकाया जा रहा है और कितना पकाया जा रहा है.
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जिन पोल्ट्री प्रोडक्ट्स को पकाते समय हाइजीन का ध्यान रखा जाता है, उनमें बर्ड फ्लू की आशंका काफी कम हो जाती है. हालांकि बर्ड फ्लू संक्रमण के बीच अंडे, दूध और चिकन का सेवन कर रहे हैं, तो ऐसी स्थिति में उन्हें ट्रांसमिशन को रोकने के लिए फूड सेफ्टी रेगुलेशन को फॉलो करना बहुत ही जरूरी है.
कैसे खा सकते हैं?
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर चिकन को 74 डिग्री सेल्सियस पर सही तरीके से पकाया जाए, तो ऐसी स्थिति में एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं और इससे चिकन के अंदर मौजूद बैक्टीरिया और वायरस को भी पूरी तरह से नष्ट किया जा सकता है. इस तरह से चिकन खाना सेफ है. इसी तरह बर्ड फ्लू के खतरे के बीच गाय और भैंस के दूध का सेवन करने से पहले उसे सही तरीके से उबालना बहुत जरूरी होता है.
क्योंकि दूध को सही तरीके से उबालने पर इसमें मौजूद बैड बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और इंसानों के शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं. अंडों को भी इसके लिए पूरी तरह पकाना चाहिए ताकि इसमें मौजूद जर्म्स नष्ट हो जाएं और ये बैक्टीरिया फ्री हो जाएं.
क्या करें?
बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप आधे पके मीट, हाफ बॉयल अंडे और कच्चे दूध का सेवन न करें. इस दौरन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए ताजे फल और सब्जियों के सेवन करें. ये शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं, जिससे समग्र स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिलती है.
(Disclaimer: हमारा लेख केवल जानकारी प्रदान करने के लिए है. अधिक जानकारी के लिए डॉक्टर्स से संपर्क करें.)
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Bird flu in Andhra Pradesh
लाखों मुर्गियों की मौत... आंध्र प्रदेश में Bird Flu से दहशत, जानें दूध, अंडा और चिकन खाना कितना सेफ?