भारत की जेईई और चीन की गाओकाओ को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. ये दोनों ही परीक्षाएं काफी कॉम्पिटेटिव होती हैं. जेईई और गाओकाओ दोनों ही यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए आयोजित ग्रेजुएट प्रवेश परीक्षाओं में से एक हैं. चीन में गाओकाओ हायर सेकेंडरी के स्टूडेंट्स यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने के लिए देते हैं वहीं जेईई सिर्फ इंजीनियरिंग कोर्स में एडमिशन पाने के लिए एंट्रेंस एग्जाम है. जेईई में फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथ्स(पीसीएम) सबजेक्ट से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं. 

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गाओकाओ और जेईई में क्या है अंतर
जेईई में पाठ्यक्रम की विशालता पर नहीं बल्कि वैचारिक समझ, स्पष्टता और इसके अनुप्रयोग पर जोर दिया जाता है, जबकि गाओकाओ स्टूडेंट्स को टेस्ट करता है कि वे यूनिवर्सिटी में हायर स्टडी के योग्य हैं या नहीं. गाओकाओ के लिए स्टूडेंट्स हाई स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही परीक्षा की तैयारी करते हैं जबकि जेईई के लिए स्टूडेंट्स  दो से लेकर कभी-कभी चार साल पहले से तैयारी करना शुरू कर देते हैं. गाओकाओ के लिए भागीदारी दर जेईई की तुलना में लगभग दस गुना अधिक है जिसका सबसे बड़ा कारण इसके असीमित अटेम्प्ट और बड़ी संख्या में पाठ्यक्रमों का समावेश है.

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2024 में इतने स्टूडेंट्स ने दिया था एग्जाम
2024 में लगभग 12 मिलियन स्टूडेंट्स गाओकाओ की परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि जेईई के लिए लगभग 1.5-2 मिलियन स्टूडेंट्स ने आवेदन किया है. उच्च भागीदारी के बावजूद गाओकाओ में सिलेक्शन ज्यादा होता है जिसमें  लगभग 85 प्रतिशत स्टूडेंट्स स्नातक कार्यक्रमों में प्रवेश पाते हैं. हालांकि पेकिंग यूनिवर्सिटी और शिनजियांग यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित चीनी यूनिवर्सिटी में प्रवेश अत्यंत प्रतिस्पर्धी बना हुआ है क्योंकि सिर्फ 0.1 प्रतिशत स्टूडेंट्स ही सिलेक्ट हो पाते हैं.

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कौन सा एग्जाम है ज्यादा कठिन
इसकी तुलना में जेईई परीक्षा कम भागीदारी वाली परीक्षा है लेकिन यह भी काफी चुनौतीपूर्ण है जिसमें सिर्फ 1 प्रतिशत उम्मीदवार ही भारत के प्रतिष्ठित आईआईटी में प्रवेश पाते हैं. गाओकाओ और जेईई दोनों ही चीन और भारत में हायर स्टडीज के प्रवेश द्वार के रूप में काम करते हैं. उनकी बुनियादी संरचना, उद्देश्य और चुनौतियां उन्हें अलग करती हैं. स्पष्ट अंतरों के बावजूद दोनों ही परीक्षाएं दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से हैं जो हर साल संबंधित देशों में लाखों छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक पथ को आकार देती हैं.

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भारत का JEE Main या चीन का गाओकाओ, कौन सा एग्जाम है ज्यादा कठिन?
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