जैसे-जैसे सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं, स्टूडेंट्स यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि उन्हें पास होने के लिए कितने नंबरों की जरूरत होगी. सीबीएसई ने कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए दिशानिर्देश जारी किया है जिसमें सब्जेक्ट वाइज और ग्रेडिंग क्राइटेरिया जारी किए हैं. 15 फरवरी 2025 से सीबीएसई की थ्योरी की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं. आज हम आपको इससे जुड़े नियम, पासिंग मार्क्स और कंपार्टमेंट एग्जाम से जुड़े डिटेल्स के बारे में बताएंगे.
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सीबीएसई की परीक्षा संरचना और ग्रेडिंग सिस्टम
सीबीएसई की एक खास मूल्यांकन सिस्टम है जिसमें सभी सब्जेक्ट्स के लिए थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं. बोर्ड पर्सनल सब्जेक्ट वाइज नंबर या ग्रेड जारी करता है लेकिन ओवरऑल नंबर जारी नहीं करता.
मार्किंग सिस्टम: स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल और थ्योरी दोनों के नंबर हासिल होते हैं. इंटरनेल असेसमेंट में केवल ग्रेड ही जारी किया जाता है.
ग्रेडिंग स्केल: एक्सटर्नल एग्जाम में 9-पॉइंट स्केल (A1 से E) का इस्तेमाल किया जाता है जबकि कक्षा 10 के इंटरनेल असेसमेंट में 5-पॉइंट स्केल (A से E) का इस्तेमाल किया जाता है.
पासिंग मार्क्स: प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33% अंक आवश्यक हैं जिसमें लागू होने पर थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों कंपोनेंट शामिल हैं.
थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षाओं वाले विषयों के लिए छात्रों को पास होने के लिए थ्योरी, प्रैक्टिकल और कुल मिलाकर अलग-अलग 33% अंक हासिल करने होंगे.
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सीबीएसई कक्षा 12 पासिंग क्राइटेरिया-
सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा पास करने के लिए कक्षा 12 के छात्रों को निम्नलिखित योग्यताएं हासिल करनी होंगी:
-प्रत्येक विषय में कम से कम 33% मार्क्स
-थ्योरी परीक्षा में 33% मार्क्स
- प्रैक्टिकल परीक्षा में 33% मार्क्स (यदि लागू हो)
- उस विषय में कुल मिलाकर 33% मार्क्स
- सीबीएसई कुल अंक या डिस्टिंक्शन नहीं देता है. अगर कोई छात्र एक विषय में फेल हो जाता है तो वह कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए पात्र होता है.
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सीबीएसई कक्षा 10 पासिंग क्राइटेरिया-
कक्षा 10 में पास होने के लिए आवश्यकताएं समान हैं:
- प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33% अंक
- इंटरनेल असेसमेंट सब्जेक्ट को पांच बिंदु पैमाने (ए से ई) पर वर्गीकृत किया जाता है.
- इसमें कोई ओवरऑल डिवीज़न, डिस्टिंक्शन या कुल अंक नहीं दिए जाते. हालांकि अगर कोई छात्र दो विषयों में फेल हो जाता है तो वह कम्पार्टमेंट परीक्षा दे सकता है.
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सीबीएसई कम्पार्टमेंट के लिए कौन होगा पात्र-
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में एक या दो विषयों में फेल होने वाले छात्र पास होने के दूसरे मौके के लिए कम्पार्टमेंट परीक्षा दे सकते हैं. उन्हें तीन बार प्रयास करने की अनुमति है:
पहला प्रयास: उसी वर्ष जुलाई/अगस्त
दूसरा प्रयास: अगले वर्ष मार्च/अप्रैल
तीसरा प्रयास: अगले वर्ष जुलाई/अगस्त
अगर कोई छात्र तीनों प्रयासों में असफल हो जाता है तो उसे अगले शैक्षणिक वर्ष में सभी विषयों की पुनः परीक्षा देनी होगी.
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प्रैक्टिकल परीक्षा वाले विषयों के लिए अगर छात्र प्रैक्टिकल में पास हो जाता है लेकिन थ्योरी में फेल हो जाता है तो पिछले प्रैक्टिकल अंकों को कैरी फॉर्वर्ड किया जाता है. हालांकि अगर वे प्रैक्टिकल में फेल हो जाते हैं तो उन्हें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षाएं दोबारा देनी होंगी.
एग्जाम पैटर्न-
अधिकांश विषयों में 100 अंकों का तीन घंटे का थ्योरी पेपर होता है.
प्रैक्टिकल वाले विषयों के लिए अंक आमतौर पर थोरी के लिए 70 और प्रैक्टिकल के लिए 30 में विभाजित होते हैं.
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