इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने की चाहत रखने वाले लाखों बच्चे अपना घर और शहर छोड़ बाहर पढ़ने या कोचिंग के लिए निकल जाते हैं. ज्यादातर बच्चों की पहली पसंद आईआईटी है. यहां दाखिला पाने के लिए उम्मीदवारों को जेईई मेन और एडवांस्ड की परीक्षा को पास करना होता है. जेईई परीक्षा को पास करने के लिए बच्चे 11वीं क्लास से ही तैयारी शुरू कर देते हैं. ऐसी ही एक कहानी है चिराग की. चिराग ने जेईई मेंस 2025 की परीक्षा में 100 पर्सेंटाइल स्कोर हासिल किए हैं.
जेईई में 100 पर्सेंटाइल लाकर किया टॉप
जेईई मेंस में 100 पर्सेंटाइल स्कोर करने वाले चिराग यूपी के मथुरा के टेंटिगांव गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने 17 साल की उम्र में जेईई मेन 2025 के पहले सेशन में 100 पर्सेंटाइल स्कोर प्राप्त कर अेन परिवार का नाम रोशन किया है. उन्होंने बताया कि कक्षा 9वीं में ही बेहतर शिक्षा के लिए वो लखनऊ चले गए थे. चिराग के लिए केमेस्ट्री सबसे चुनौतीपूर्ण विषय रहा क्योंकि इसमें बहुत अधिक मटेरियल याद करनी पड़ती थी. लेकिन उनकी मेहनत और लगन रंग लाई.
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कैसे किया तनाव को मैनेज
परिवार ने भी चिराग का हौसला बढ़ाने क लिए शिफ्ट करने का फैसला लिया. इसके बाद चिराग के परिजन लखनऊ शिफ्ट हो गए. उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें तनाव महसूस होता था वह अपने परिवार के साथ समय बिताते थे, जो उनके साथ लखनऊ शिफ्ट हो गए थे. इसके अलावा, वह साइकिलिंग करके खुद को तरोताजा रखते थे. खास बात तो ये है कि चिराग ने पूरी तरह से सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी.
यहां लेना चाहते हैं एडमिशन
चिराग का सपना है कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग करें. यदि उन्हें वहां सीट नहीं मिलती, तो वे आईआईटी दिल्ली या कानपुर को प्राथमिकता देंगे. फिलहाल वो जेईई एडवांस की तैयारी कर रहे हैं.
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