Who is Poonam Gupta: भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) को गवर्नर के बाद अब नया डिप्टी गवर्नर भी मिल गया है. अर्थशास्त्री पूनम गुप्ता (Poonam Gupta) को नई RBI डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व वाली कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी (ACC) ने भी मंजूरी दे दी है. फिलहाल नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइट इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) के डायरेक्टर जनरल की जिम्मेदारी निभा रहीं पूनम देश में ही नहीं बल्कि देश से बाहर भी कई नामी वित्तीय संस्थानों में अहम पदों पर रह चुकी हैं. उन्होंने वर्ल्ड बैंक (World Bank) के साथ भी काम किया है. आरबीआई में डिप्टी गवर्नर के तौर पर पूनम गुप्ता को हर महीने भारत के प्रधानमंत्री से ज्यादा वेतन मिलेगा. पूनम की मंथली सैलर क्या होगी और उनका कार्यकाल कितना होगा व क्या काम होगा, चलिए ये सब जानकारी हम आपको देते हैं.
तीन साल का होता है डिप्टी गवर्नर का कार्यकाल
भारतीय रिजर्व बैंक में गवर्नर की सहायता के लिए 4 डिप्टी गवर्नर नियुक्त किए जाते हैं. इनमें से हर एक का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है. इन चारों पदों पर बैंकिंग और इकोनॉमी से जुड़े पदों पर काम करने वाले एक्सपर्ट्स ही तैनात किए जाते हैं. पूनम गुप्ता ने पूर्व डिप्टी गवर्नर डॉ. माइकल देवव्रत पात्रा की जगह ली है, जो 14 जनवरी, 2025 को रिटायर हो गए थे. पूनम गुप्ता के अलावा आरबीआई में बाकी तीन डिप्टी गवर्नर टी. रवि शंकर, स्वामीनाथन जानकीरमन और राजेश्वर राव हैं. ये सभी डिप्टी गवर्नर RBI की नीतियां तैयार करने और लागू करने में गवर्नर की मदद करते हैं.
हर महीने मिलेगी इतनी मंथली सैलरी कि प्रधानमंत्री भी होंगे पीछे
भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी को हर महीने 1.66 लाख रुपये मिलते हैं. NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम की बेसिक-पे 50,000 रुपये है, जबकि इसके अलावा उन्हें संसदीय भत्ता 45000 रुपये, व्यय भत्ता 3000 रुपये और दैनिक भत्ता 2000 मिलता है. इसके अलावा उन्हें कई अन्य भत्ते भी मिलते हैं. यदि आपको ये कहें कि आरबीआई में डिप्टी गवर्नर के तौर पर पूनम गुप्ता को प्रधानमंत्री से ज्यादा मंथली सैलरी (RBI Deputy Governor Monthly Salary) मिलेगी तो आप क्या कहेंगे? आरबीआई डिप्टी गवर्नर को 2.25 लाख रुपये की सैलरी हर महीने मिलती है. इसके अलावा कई तरह की सुविधाएं भी मिलती हैं. यह जानकारी खुद RBI ने साल 2022 में एक RTI के जवाब में दी थी.
क्या होगी आरबीआई में पूनम गुप्ता की जिम्मेदारी
- केंद्रीय बैंक के ओवरसीज (विदेशी) कामों को देखेंगी, जिनमें मौद्रिक नीति, वित्तीय नियमन और आर्थिक रिसर्च शामिल हैं.
- RBI गवर्नर व अन्य डिप्टी गवर्नरों के साथ मिलकर बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता के लिए काम करेंगी.
- आरबीआई के नीति निर्धारण और आर्थिक निर्णयों को लेने में गवर्नर की अहम मदद करेंगी.
कितना पढ़ी-लिखी हैं पूनम गुप्ता
पूनम गुप्ता ने अमेरिका की मैरीलैंड यूनिवर्सिटी (University of Maryland) से इकोनॉमिक्स में PhD की है. इससे पहले उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (Delhi School of Economics) से मास्टर्स इन इकोनॉमिक्स की डिग्री ली थी. उनकी इकोनॉमिक रिसर्च दुनिया भर के नामी एकेडमिक जर्नल्स के साथ ही The Economist, Financial Times और The Wall Street Journal जैसे वैश्विक अखबारों में पब्लिश होती रही हैं.
वर्ल्ड बैंक का रह चुकी हैं हिस्सा
पूनम गुप्ता फिलहाल नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की डायरेक्टर जनरल के तौर पर काम कर रही थीं. साथ ही वे प्रधानमंत्री मोदी की इकोनॉमिक एडवाइजरी काउंसिल की पार्ट टाइम मेंबर भी हैं. NCAER से पहले वे वर्ल्ड बैंक के ग्लोबल मैक्रो एंड मार्केट रिसर्च में लीड इकोनॉमिस्ट के तौर पर काम कर रही थीं. साल 2013 से 2021 तक वर्ल्ड बैंक में अलग-अलग पदों पर रहीं पूनम गुप्ता ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस (NIPF), Indian Council for Research on International Economic Relations (ICRIER) में मैक्रोइकोनॉमिक्स की प्रोफेसर और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर भी काम किया है. वह इंटरनेशल मॉनेटरी फंड (IMF) में भी इकोनॉमिस्ट के तौर पर काम कर चुकी हैं.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.
- Log in to post comments

मिलिए Poonam Gupta से, RBI की नई डिप्टी गवर्नर, जिसे PM Modi से ज्यादा मिलेगी मंथली सैलरी