Who is Dulari Devi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की बजट साड़ी एक बार फिर चर्चा में है. निर्मला सीतारमण ने शनिवार को लगातार 8वीं बार देश का बजट पेश करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया है. उन्होंने इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं की हैं, जिनमें इनकम टैक्स में 12 लाख रुपये तक की आय को टैक्स फ्री बनाना भी शामिल है. उनकी इन घोषणाओं की चर्चा हर तरफ हो रही है, लेकिन साथ ही उनकी साड़ी भी हर बजट की तरह फिर से चर्चा में है. हर बार बजट पेश करते समय नए तरह की साड़ी पहनने वाली निर्मला ने इस बार ऑफ-व्हाइट कलर की बिहार की मशहूर मधुबनी साड़ी (Madhubani Saree) पहनी, जो उन्हें दुलारी देवी (Madhubani Artist Dulari Devi) ने तोहफे में दी थी. इस साड़ी के कारण दुलारी देवी भी फिर से चर्चा में आ गई हैं. चलिए हम आपको बताते हैं कि वे कौन हैं.
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पद्मश्री सम्मान से नवाजी जा चुकी हैं दुलारी देवी
दुलारी देवी बिहार के मल्लाह समुदाय की हैं. उन्हें चर्चित मधुबनी आर्ट का बेहतरीन कलाकार माना जाता है. उनकी पेंटिंग अब तक 50 से ज्यादा प्रदर्शनियों में पेश हो चुकी है. अपनी पेंटिंग्स के जरिये सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता फैलाने वालीं दुलारी देवी (Padma Shri Dulari Devi) को केंद्र सरकार पद्मश्री सम्मान से सम्मानित कर चुकी हैं.
संघर्षों से भरा रहा है दुलारी देवी का जीवन
दुलारी देवी के लिए पद्मश्री से सम्मानित होने तक का सफर आसान नहीं रहा है. उन्हें बेहद संघर्षों का सामना करना पड़ा है. छोटी सी उम्र में बाल विवाह के बाद दुलारी देवी को महज 16 साल की उम्र में उनके पति ने छोड़ दिया. उनके बच्चे की मौत हो गई. इसके बाद करीब 16 साल तक उन्होंने घरों में नौकरानी के तौर पर काम किया.
#WATCH | #UnionBudget2025 | Delhi: Union Finance Minister Nirmala Sitharaman arrives at the Parliament. She will present the Union Budget shortly. pic.twitter.com/sWh7HcQgnR
— ANI (@ANI) February 1, 2025
मधुबनी कला ने बदली जिंदगी
अपने संघर्षों के बीच दुलारी देवी ने अपनी मालकिन कर्पूरी देवी से मधुबनी कला (Madhubani Art) सीखी, जिसने उनकी जिंदगी बदल दी. रात-दिन इस कला का अभ्यास करते हुए उन्होंने इस पर ऐसी महारत हासिल की, जो आज सभी को हैरान कर देती है. अब तक करीब 10,000 पेंटिंग बना चुकी दुलारी देवी अपनी इस कला को आगे बढ़ाने का भी काम कर रही हैं. वे मिथिला आर्ट इंस्टीट्यूट और सेवा मिथिला संस्थान जैसे संगठनों के जरिये 1,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स को मधुबनी कला की बारीकियां सिखा चुकी हैं.
एड्स से लेकर बाल विवाह तक पर बनाई पेंटिंग
दुलारी देवी की पेंटिंग्स इस कारण भी ज्यादा चर्चित हुई हैं, क्योंकि वे आम मधुबनी कला का नजारा दिखाने के बजाय सामाजिक मुद्दों पर पेंटिंग बनाती हैं. वे अब तक एड्स (AIDS), बाल विवाह (Child Marriage), कन्या भ्रूण हत्या (Female Feticide) समेत तमाम मुद्दों को अपनी पेंटिंग में दर्शा चुकी हैं. इसके चलते उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है.
क्या है सीतारमण को दी साड़ी की खासियत
दुलारी देवी ने निर्मला सीतारमण को बजट 2025 के लिए जो साड़ी तोहफे में दी थी, उस पर मछली की तस्वीरें बनी हुई थीं. यह एकतरफ उनके मल्लाह समुदाय के पेशे को दर्शाती है, वहीं मछली के रुपांकनों को समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है.
क्यों हर बार अलग साड़ी पहनती हैं निर्मला?
निर्मला सीतारमण हर बार अलग तरह की साड़ी पहनती हैं, जो भारतीय हैंडलूम परंपरा की विविधता को लोगों तक पहुंचाता है, वहीं भारत के पारंपरिक वस्त्रों और शिल्प कौशल को समर्थन भी देता है. साल 2019 में, उन्होंने सोने के बॉर्डर वाली चमकीली गुलाबी मंगलगिरी साड़ी पहनी और पारंपरिक बजट ब्रीफ़केस की जगह ‘बही खाता’ चुना. साल 2020 में, उन्होंने समृद्धि का प्रतिनिधित्व करने वाली पीले-सुनहरे रंग की रेशमी साड़ी चुनी तो बजट-2021 के लिए उनका परिधान लाल और ऑफ-व्हाइट पोचमपल्ली सिल्क साड़ी थी. इस साड़ी में तेलंगाना के प्रसिद्ध इकत पैटर्न को दर्शाया गया था. निर्मला की हर साड़ी का इसी तरह एक गहरा अर्थ होता है.
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मिलिए दुलारी देवी से, जिनका है निर्मला सीतारमण की बजट वाली साड़ी से स्पेशल कनेक्शन