यूपीएससी परीक्षा भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है. इसमें सफल होना हर किसी के बसकी बात नहीं है. UPSC पास करने के लिए कड़ी मेहनत और जूनुन की जरूरत होती है. आज हम आपको एक ऐसे IAS की कहानी बताएंगे, जिनकी मां को मजदूरी के 220 रुपये नहीं मिलने पर वह इतने नाराज हुए कि कलेक्टर बनने की सोच ली और बनकर भी दिखाया. इस किसान परिवार के बेटे की कामयाबी की हर ओर चर्चा हो रही है.

दरअसल, हम बात कर रहे हैं आईएएस हेमंत पारीक (IAS Hemant Pareek) की. हेमंत का जन्म राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के वीरान गांव में हुआ था. हेमंत का परिवार बहुत गरीब था. उनके पिता एक मंदिर में पूजारी थे और मां मनरेगा में मजदूरी करके अपना घर चलाती थीं. पिता और बहन की तबीयत अक्सर खराब रहने की वजह से घर की सारी जिम्मेदारी उनकी मां के कंधों पर थीं.

हेमंत की मां को मजदूरी के 200 से 220 रुपये मिलते थे. एक दिन ठेकेदार ने उनकी मां को 220 रुपये मजूदरी के नहीं दिए. इससे उनकी मां बहुत दुखी हुईं और अपने बेटे को इसके बारे में बताया. जब हेमंत अपनी मां को लेकर ठेकेदार के पास गए और पूछा कि आपने मेरी मां की मजदूरी क्यों नहीं दी? ठेकेदार ने पैसे देने की बजाय उनका मजाक उड़ाते हुए कहा, तुम कहीं का कलेक्टर है क्या? हेमंत ने उस दिन से पहले कलेक्टर शब्द कभी नहीं सुना था.

मां को हक दिलाने के लिए बने कलेक्टर
ठेकेदार की इस बात से हेमंत बहुत दुखी हुए और अपनी मां के साथ घर लौट आए. हेमंत ग्रेजुएशन करके नौकरी करना चाहते थे, लेकिन उस दिन ठेकेदार के जवाब ने उसके मन में कलेक्टर शब्द बैठा दिया. उसने धार लिया कि मां को उसका हक दिलाने के लिए कलेक्टर बनना पड़ेगा. हेमंत ने बताया कि इसके बार में मुझे कुछ नॉलेज नहीं थी. 

IAS Hemant Pareek

हेमंत पारीक ने बताया कि श्री करण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय में ग्रेजुएशन के दौरान एक दिन क्लास में पूछा जा रहा था कि कौन क्या बनेगा. किसी ने बोला सुपरवाइजर बनूंगा, किसी ने कहा प्राइवेट कंपनी जॉइन करूंगा. जब मुझसे पूछा गया तो मैंने कहा आइडिया नहीं है क्या बनूंगा. मैंने सर से कहा कि आप मुझे बता दीजिए और मेरा मार्गदर्शन कीजिए. इस पर उन्होंने टॉन्ट मारते हुए कहा, IAS बनेगा'

यह सुनकर उन्हें ठेकेदार की बात याद आ गई. इसके बाद हेमंत पारीक ने अपने बड़े भाई को फोन किया और कहा कि उन्हें आईएएस बनना है. भाई ने कहा कि इस चक्कर में मत पड़ो कोई प्राइवेट नौकरी खोज लो. उन्होंने बात नहीं मानी और जिद की तो भाई ने यूट्यूब की कुछ लिंक उन्हें भेज दी. यूट्यूब पर आईएएस बनने का तरीका देखने के बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गए. साल 2023 में दूसरे अटेंप्ट में उन्होंने UPSC में ऑल इंडिया 884 रैंक हासिल की और IAS चुने गए.

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मां को MNREGA की मजदूरी नहीं मिली तो बेटा बना IAS, जानें हेमंत पारीक की सक्सेस स
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मां को MGNREGA की मजदूरी नहीं मिली तो बेटा बना IAS, जानें हेमंत पारीक की सक्सेस स्टोरी

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