Delhi Dehradun Expressway: देश की राजधानी दिल्ली और हिमालयी राज्य उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को जोड़ने के लिए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है. इस एक्सप्रेसवे का निर्माण इन दोनों शहरों के बीच की दूरी को कुछ घंटों में समेटने के लिए किया जा रहा है. इससे उत्तराखंड के इंडस्ट्रियल विकास को नई उड़ान मिलने की संभावना जताई गई है. साथ ही वहां की टूरिज्म इंडस्ट्री को भी हिमाचल के मुकाबले ज्यादा तरजीह मिलने की संभावना है. दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर से शुरू होने वाले इस 6 लेन एक्सप्रेसवे पर एलिवेटिड रोड्स, जमीन से ऊंचाई पर बने हाइवे और पुलों के जरिये कोई भी व्यक्ति बेहद कम समय में देहरादून पहुंच जाएगा.
इस एक्सप्रेसवे के कब तक शुरू होने की संभावना है, इसकी लागत और अन्य खास बातों के बारे में चलिए हम 5 पॉइंट्स में आपको बताते हैं.
1- दिल्ली-देहरादून के बीज 212 किमी का सफर 2.5 घंटे में होगा पूरा
दिल्ली-देहरादून के बीच बन रहा 6 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे करीब 212 किलोमीटर लंबा है. इस एक्सप्रेसवे के पूरा हो जाने के बाद दिल्ली-देहरादून के बीच सफर में फिलहाल लगने वाला 6 घंटे से ज्यादा का वक्त घटकर महज 2.5 घंटे रह जाने का अनुमान लगाया गया है. साथ ही दिल्ली से हरिद्वार तक फिलहाल लगने वाला 5 घंटे का ट्रैवल टाइम भी घटकर महज 2 घंटे रह जाने का अनुमान है. इसके लिए छुटमलपुर के पास इस एक्सप्रेसवे को हरिद्वार जाने वाले एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा.
2- कितनी आ रही है लागत और क्या है खासियत
दिल्ली से देहरादून के बीच बन रहा यह एक्सप्रेसवे चार सेक्शन में बांटा गया है, जिनके निर्माण पर करीब 12,000 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. बिल्ट एंड टोल पॉलिसी के तहत बन रहे इस एक्सप्रेसवे पर 113 अंडरपास, 5 रेलवे ओवरब्रिज, 4 बड़े पुल और 62 बस शेल्टर बनाए जा रहे हैं. साथ ही 76 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड और 29 किलोमीटर लंबी एलिवेटिड रोड भी इस एक्सप्रेसवे का हिस्सा है. एक्सप्रेसवे को बीच-बीच में आने वाले प्रमुख शहरों व नेशनल हाइवे से जोड़ने के लिए 16 जगह पर एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स बनाए जा रहे हैं. केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का दावा है कि यह एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे होगा यानी इस पर जब चाहे वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद की जा सकती है.
3- क्या है इस एक्सप्रेसवे का रूट मैप
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से देहरादून जाते समय उत्तर प्रदेश के बागपत, शामली और सहारनपुर जिलों से होता हुआ गुजरेगा. अक्षरधाम से चलने के बाद यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के शास्त्री पार्क, खजूरी खास से होते हुए यूपी के मंडोला, खेकड़ा, बागपत, बड़ौत, शामली, सहारनपुर और छुटमलपुर से होकर देहरादून पहुंचेगा.
4- एशिया का सबसे लंबा इको-सेंसिटिव कॉरिडोर है खासियत
इस एक्सप्रेसवे के देहरादून पहुंचने से पहले आखिरी 20 किलोमीटर का हिस्सा बेहद संवेदनशील है. यह हिस्सा एकतरफ मिट्टी के पहाड़ होने के चलते भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील है तो दूसरी तरह यह इको-सेंसटिव राजाजी नेशनल पार्क (Raja Ji National Park) से होकर गुजर रहा है. इसके चलते 20 किलोमीटर में से करीब 12 किलोमीटर तक एलिवेटिड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर के जरिये पूरा किया जा रहा है. यह एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटिड कॉरिडोर होगा, जिससे हाथी व अन्य जानवरों की जंगल के अंदर आवाजाही किसी भी तरह तेज गति से दौड़ते वाहनों के कारण बाधित नहीं होगी. इसी कारण इस रीजन में 2 एलिफेंट अंडरपास, 2 अहम पुल, 6 एनिमल अंडरपास और 13 छोटे पुल बनाए जा रहे हैं.
5- कब तक दौड़ने लगेंगे एक्सप्रेसवे पर वाहन
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के एक फेज-1 का निर्माण पूरा हो चुका है. दिल्ली के अक्षरधाम से मंडोला तक के फेज-1 को वाहनों के आवागमन के लिए दिसंबर, 2024 में खोलने की योजना थी. कुछ कारणों से यह उस समय शुरू नहीं हो सका. अब माना जा रहा है कि इसे दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election 2025) के बाद वाहनों के लिए खोला जा सकता है. ऐसे में 8 फरवरी को दिल्ली में मतगणना के साथ ही आचार संहिता हटने पर इसकी शुरुआत की उल्टी गिनती भी शुरू हो जाएगी.
ख़बर की और जानकारी के लिए डाउनलोड करें DNA App, अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए जुड़ें हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से.
- Log in to post comments

जल्द शुरू होगा Delhi Dehradun Expressway, कितना हुआ निर्माण, पढ़ें 5 पॉइंट्स