अहमदाबाद में भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे वनडे मैच में दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने कहर बरपाया. भारत के लिए शुभमन गिल ने शतक लगाया तो विराट कोहली और श्रेयस अय्यर ने हाफ सेंचुरी लगाई. इंग्लैंड के लिए बेन डकेट ने तेजतर्रार शुरुआत दी और दो विकेट गिरने के बाद जो रूट ने उसे संभाला. हालांकि, इन सबके बीच इंग्लैंड के एक अनजाने से बल्लेबाज ने भारतीय गेंदबाजों की जमकर खबर ली. साढ़े चार साल बाद इंग्लैंड की जर्सी में वनडे खेलने उतरे इस बल्लेबाज ने 38 रन ही बनाए, लेकिन बता दिया कि उन्हें क्यों इतना प्रतिभाशाली माना जाता है.
हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, उसका नाम है टॉम बैंटन. 26 साल के बैंटन ने 41 गेंद पर 38 रन बनाए. इसमें उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए. बेन डकेट के आउट होने के बाद मैदान पर उतरे बैंटन ने इंग्लिश टीम का मोमेंटम बनाए रखा.
तेज हो या स्पिन, बैंटन ने हर तरह की गेंदबाजी के खिलाफ रन बनाए. पहली ही गेंद से बैंटन की बल्लेबाजी में विश्वास दिखा. खास बात यह है कि बैंटन ने इससे पहले इंग्लैंड के लिए आखिरी वनडे मैच 4 अगस्त, 2020 को खेला था. आयरलैंड के खिलाफ इस मुकाबले में उन्होंने हाफ सेंचुरी लगाई थी. फिर कोविड का दौर शुरू हो गया और बैंटन का फॉर्म साथ छोड़ने लगा. उन्हें इंग्लैंड टीम से बाहर कर दिया गया. बुधवार को जब उन्होंने वापसी की तो इसका जमकर जश्न मनाया. गनीमत रही कि बैंटन की पारी ज्यादा लंबी नहीं खिंच सकी. नहीं तो भारतीय टीम के लिए मुश्किलें बढ़ सकती थीं.
आक्रामक शॉट्स लगाना बैंटन की बल्लेबाजी की खासियत है. रिवर्स स्लैप और स्कूप उनके पसंदीदा शॉट हैं। हालांकि, वे स्ट्रेट और कवर ड्राइव लगाने में भी उतने ही माहिर हैं. यही वजह है कि उनकी तुलना कभी केविन पीटरसन तो कभी जॉस बटलर से होती है.
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IND VS ENG: साढ़े चार साल बाद इंग्लैंड की जर्सी में उतरा, भारतीय टीम के छुड़ाए पसीने