आईपीएल 2025 के सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार दूसरी हार झेलनी पड़ी. जिसके बाद से टीम कड़ी आलोचनाओं का सामना कर रही है. गुवाहाटी में 183 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए पांच बार की चैंपियन सीएसके दबाव में बिखर गई. वही पिछले 2 मैचों में चेन्नई के बल्लेबाजी में फायर पावर की कमी महसूस हुई.
क्योंकि बैटिंग ऑर्डर में ऋतुराज गायकवाड़ को छोड़कर ऐसा कोई खिलाड़ी दिखाई नहीं देता. जो छक्के लगाने में माहिर हो. चेन्नई को डेवोन कॉन्वे की कमी महसूस हो रही है. जो पहले के सीजन में सीएसके को अच्छी शुरुआत दिलाते थे. वही पिछले 5 साल से ये टीम 175 रन के ऊपर का स्कोर चेस नहीं कर पाई है. जोकि एक शर्मनाक आंकड़ा है.
मिडिल ऑर्डर में अनुभव की कमी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली हार के बाद सीएसके थिंक टैंक को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मुकाबले के लिए कुछ बदलाव करने पड़े. जिसमें सैम करन और दीपक हुड्डा को टीम से बाहर किया गया. हालांकि, उनकी जगह लेने वाले खिलाड़ी जेमी ओवरटन और विजय शंकर फ्लॉप रहे.
ऐसे में चेन्नई की सिरदर्दी और बढ़ गई है. जबकि शिवम दुबे जो सीएसके की मिडिल ऑर्डर के जान थे. उनका बल्ला भी अभी तक खामोश रहा है. जिसकी वजह से महेंद्र सिंह धोनी पर दबाव बढ़ गया है.
ऐसे कैसे चेन्नई लगाएगी ट्रॉफी का सिक्सर
चेन्नई सुपर किंग्स के लिए उनकी बल्लेबाजी सबसे बड़ी परेशानी का सबब बन चुकी है. जिसमें हर बल्लेबाज संघर्ष करता हुआ नजर आ रहा है. अभी तक सिर्फ कप्तान ऋतुराज और रचिन रविंद्र के बल्ले से रन देखने को मिले हैं.
मगर उसमें भी रचिन की पारी टी20 के हिसाब के काफी धीमी है. जबकि वो ओपनिंग के बल्लेबाज हैं. वही राहुल त्रिपाठी पहले तीनों मैचों बुरी तरह से फ्लॉप रहे है. चेन्नई के बल्लेबाजी फॉर्म को देखकर लगता है कि उनका ट्रॉफी का सिक्सर लगाने का सपना इस साल कहीं अधूरा ना रह जाए.
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फायर से फ्लावर बन गया चेन्नई का बैटिंग ऑर्डर, अकेले धोनी ही समस्या नहीं, ऐसे तो अधूरा रह जाएगा 'सिक्सर' का सपना