Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा में पिछले एक साल के दौरान असाधारण प्रॉपर्टी बूम देखने को मिला है. इसका नतीजा है कि यहां तेजी से नए हाउसिंग प्रोजेक्ट लॉन्च हुए हैं. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट संस्थान एनरॉक के रिसर्च डाटा के अनुसार, ग्रेटर नोएडा ने साल 2024 के दौरान हाउसिंग रियल एस्टेट सेक्टर में बेहतरीन तेजी दिखाई है और ये Delhi-NCR में सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक के रूप में स्थापित हो गया है. लेकिन अब गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने डीएम सर्किल रेट में 30 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव इस इलाके के लिए रखा है, जिससे यहां रजिस्ट्री कराना थोड़ा महंगा पड़ेगा. इसके बावजूद रियल एस्टेट सेक्टर के एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्रेटर नोएडा अब भी रियल एस्टेट का सबसे बड़ा माइक्रो मार्केट साबित होगा.
चार गुना ज्यादा यूनिट्स लॉन्च हुई 2024 में यहां
अकेले ग्रेटर नोएडा में वर्ष 2024 में लगभग 12,300 हाउसिंग यूनिट लॉन्च की गईं, जबकि 2023 में मात्र 2,900 यूनिट लॉन्च हुई थीं. एनरॉक की रिसर्च के हिसाब से ये चार गुना ज्यादा यूनिट्स की बढ़ोतरी साल-दर-साल 322% की वृद्धि दिखाती है. नई परियोजना के लॉन्च में इस वृद्धि ने ग्रेटर नोएडा को रियल एस्टेट क्षेत्र में सबसे बड़े हिस्सेदारों में से एक बना दिया है, जो 2024 में एनसीआर क्षेत्र के कुल लॉन्च का 23% हिस्सा है. क्रेडाई पश्चिमी यूपी के सचिव दिनेश गुप्ता के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट बूम की यह केवल शुरुआत है. ग्रेटर नोएडा अब अफोर्डेबल हॉऊसिंग से लक्जरी हाउसिंग की तरफ बढ़ गया है. यमुना एक्सप्रेसवे सहित अब ग्रेटर नोएडा में आने वाले समय में भूमि आवंटन होने वाला है, जो घर खरीदारों को एक बार फिर से नए विकल्पों के साथ आकर्षित करेगा.
मेट्रो, एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट से आई तेजी
ग्रेटर नोएडा में सरकार की तरफ से लगातार मेट्रो ट्रेन, रैपिड रेल, एयरपोरट से लेकर एक्सप्रेसवे जैसे प्रोजेक्ट्स की तरफ ध्यान दिया है, जिससे यहां रियल एस्टेट को नई तेजी मिली है. रेनॉक्स ग्रुप के एमडी शैलेन्द्र शर्मा के अनुसार, सरकार की सतत विकास परियोजनाओं के कारण ग्रेटर नोएडा में ग्लोबल इंवेस्टमेंट का मौका बना है, जिससे रोजगार बढ़ा है और यह आखिर में रियल एस्टेट सेक्टर को भी सकारात्मक स्तर पर प्रभावित करता है.
गुड़गांव और फरीदाबाद से ज्यादा बेहतर विकल्प
ग्रेटर नोएडा में नोएडा, गुड़गांव और फरीदबाद की तुलना में ज्यादा सस्ती कीमतों पर बड़े भूखंडों की उपलब्धता ने इसे ज्यादा बेहतर विकल्प बनाया है. इसके चलते प्रमुख डेवलपर्स यहां नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए आकर्षित हुए हैं. एयरपोर्ट और मेट्रो सुविधा ने भी इसे ज्यादा बेहतर और सस्ता विकल्प बनाया है. निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के अनुसार, यहां रियल एस्टेट में तेजी का श्रेय मार्केट में नियमित रूप से किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विकास, विशेष रूप से एक्वा लाइन मेट्रो नेटवर्क का नोएडा एक्सटेंशन में विस्तार और जेवर में बनने वाले नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को दिया जा सकता है. यहां प्रॉपर्टी की कीमत आज भी गुड़गांव-फरीदाबाद से सस्ती है और सुविधाएं तथा कानून व्यवस्था पहले से बेहतर हो गई हैं.
लग्जरी प्रॉपर्टी का बड़ा हब बना ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा में आईटी कंपनी का डाटा सेंटर बनने और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना पर सरकार के फोकस से रियल एस्टेट माइक्रो-मार्केट को लाभ हुआ है. डिलिजेन्ट बिल्डर्स के सीईओ ले. कर्नल (रिटायर्ड) अश्वनी नागपाल के अनुसार, ग्रेटर नोएडा एनसीआर में लक्जरी प्रॉपर्टी का सबसे बड़ा वैकल्पिक हब बनकर उभरा है. ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक निवेश बढ़ा है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए हैं और परिणामस्वरूप आवास की मांग में तेजी आई है.
सरकार की बेहतर नीतियों ने भी दिया बढ़ावा
ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट सेक्टर में आई तेजी के सरकार की बेहतर नीतियों का भी नतीजा कहा जा सकता है. सरकार ने यहां कई डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स दिए हैं, जिनके परिणाम इस सेक्टर में दिख रहे हैं. आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग के अनुसार, केंद्र व प्रदेश सरकारों के सही निर्णयों और नीतियों के कारण नए प्रोजेक्ट शुरू हुए हैं और उद्योग धंधों के साथ रियल एस्टेट सेक्टर को उचित प्रोत्साहन मिला है, जिससे ग्रेटर नोएडा सभी वर्ग के लोगों के लिए निवेश का सबसे उत्तम स्थान बन चुका है.
अपनी राय और अपने इलाके की खबर देने के लिए हमारे गूगल, फेसबुक, x, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और वॉट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ें.
- Log in to post comments

रियल एस्टेट का 'रॉकेट' बना हुआ है Greater Noida, क्या बढ़े सर्किल रेट से प्रभावित होगा ये मार्केट