Real Estate Sector on Budget 2025: दिल्ली-NCR समेत पूरे देश में जमीनों के आसमान छूते दामों से लेकर निर्माण सामग्री की महंगाई तक ने रियल एस्टेट सेक्टर को मंदी के दौर में धकेल रखा है. मकानों की कीमतें आसमान छू रही हैं, जो आम आदमी की रेंज से बाहर हो रही हैं. इसके चलते रियल एस्टेट सेक्टर में खरीदारों की कमी महसूस हो रही है. अकेले नोएडा-गाजियाबाद में ही करीब 1 लाख फ्लैट खरीदारों के इंतजार में खाली पड़े हुए हैं. ऐसे में बजट 2025 में रियल एस्टेट सेक्टर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से ऐसी घोषणा की उम्मीद कर रहा था. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में रियल एस्टेट सेक्टर की यह उम्मीद पूरी भी कर दी है. एकतरफ शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को पुश देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के फंड का ऐलान किया गया, वहीं इनकम टैक्स छूट से लेकर टीडीएस छूट तक की घोषणाओं से भी अप्रत्यक्ष रूप से रियल एस्टेट सेक्टर को लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है.
बजट में रियल एस्टेट सेक्टर को है इन घोषणाओं से उम्मीद
- शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को पुश देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड
- अफोर्डेबल होम्स वाले प्रोजेक्ट्स को गति देने वाला 15,000 करोड़ रुपये का SWAMIH फंड
- किराये पर कटने वाले टीडीएस की सीमा 2.4 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये किया गया
- 12 लाख रुपये तक की आय पर इनकम टैक्स छूट से होने वाली बचत रियल एस्टेट में निवेश होगी
- दो सेल्फ-ऑक्यूपाइड प्रॉपर्टीज को टैक्स फ्री करने के फैसले से घर खरीदने वाले को लाभ मिलेगा
हाउसिंग सेक्टर को बूस्टर डोज देगा बजट
क्रेडाई (वेस्ट यूपी) के सचिव दिनेश गुप्ता के मुताबिक,'बजट की घोषणाएं रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बढ़िया परिणाम देने वाली है. टैक्स स्लैब बढ़ाने का फैसला बहुत सकारात्मक है जो हर प्रकार से घर खरीदने वालों के हित में है. स्टक प्रोजेक्ट के लिए फंड बढ़ाने का फैसला हाउसिंग सेक्टर को बूस्टर डोज देगा. इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने से पूरी इकोनॉमी का चक्र चल पड़ता है जिसका परोक्ष प्रभाव रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलता है. इसके साथ अगर इनपुट टैक्स क्रेडिट वापस लाया जाता तो बजट रियल एस्टेट सेक्टर के लिए और भी बेहतर हो जाता.'
मध्यम श्रेणी के रियल एस्टेट में मांग बढ़ेगी
केडब्ल्यू ग्रुप के निदेशक पंकज कुमार जैन के अनुसार, 'वेतनभोगी टैक्सपेयर्स को मिली टैक्स छूट से आवासीय और कमर्शियल प्रॉपर्टी की मांग में खासतौर पर मध्यम कैटेगरी में तेजी आएगी. अगर आरबीआई होम लोन की ब्याज दरों को कम करता है तो यह मांग और बढ़ेगी. SWAMIH फंड 2 और अर्बन चैलेंज फंड के निर्माण से इस क्षेत्र को और बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि ये फंड रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में मदद करेंगे. कुल मिलाकर वित्त मंत्री ने एक ऐसा बजट दिया है जिससे रियल एस्टेट सेक्टर को अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा.'
SWAMIH फंड से घर खरीदारों को ज्यादा विकल्प मिलेंगे
इरोस ग्रुप के निदेशक अवनीश सूद के अनुसार, 'बजट 2025 ने मिडिल क्लास को अहम रिलीफ दिया है, जिससे घर खरीदना अधिक सुलभ होगा. 1 लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड शहर के विकास को गति देगा, बुनियादी ढांचे और रहने की सुविधा में सुधार करेगा. पहली बार घर खरीदने वालों की फाइनेंशियल टेंशन टैक्स छूट और किराए पर टीडीएस सीमा में ढील से घटेगी. SWAMIH फंड के तहत 40,000 इकाइयों के पूरा होने सहित किफायती आवास पहल, इच्छुक घर के मालिकों के लिए अधिक विकल्प प्रदान करेगी.'
डायरेक्ट टैक्स में छूट से आएगा ज्यादा निवेश
आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग के मुताबिक,'मिडिल क्लास के लिए बहुत बढ़िया बजट है, जो पूरी इकोनॉमी को रिवाइव करेगा. इसका प्रभाव रियल एस्टेट पर पड़ेगा. डायरेक्ट टैक्स में 12 लाख की छूट से लोग पहले से ज्यादा बचत कर सकेंगे और उनके निवेश के नए अवसर बनेंगे. बजट में किराए पर टीडीएस में 6 लाख तक की बढ़ोतरी से किराये के लिए निवेश को बढ़ावा मिलेगा. इससे लोग दूसरे फ्लैट की खरीद को प्रोत्साहित होंगे. SWAMIH फंड 2.0 लाने से सरकार ने रुकी हुई परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता दिखाई है.'
अब किराये पर आश्रित लोग नया घर खरीदने की सोच पाएंगे
निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग के मुताबिक, 'इनकम टैक्स छूट बढ़ने से आम जनता की खरीदारी की क्षमता बढ़ेगी. किराये से अर्जित आय पर टीडीएस की सीमा बढ़ने से किराये पर आश्रित वर्ग के लोग राहत मिलेगी और लोग नया घर लेने का निर्णय ले सकेंगे. देश में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने और रुके पड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए SWAMIH फंड -2 से 15,000 करोड़ की व्यवस्था की गई है. इन प्रयासों से रोजगार और निवेश के प्रति सकारात्मक माहौल बनेगा. अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए आवश्यक फंड मिल सकेगा जिसका रियल एस्टेट सेक्टर पर अनुकूल असर पड़ेगा.'
घर खरीदकर निवेश करने को बढ़ावा मिलेगा
रेनॉक्स ग्रुप के एमडी शैलेंद्र शर्मा के मुताबिक,'सरकार के कई निर्णय रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बहुत ही स्वागत योग्य है. SWAMIH फंड का दायरा बढ़ने से पुराने स्टक प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में मदद मिलेगी और सेक्टर में नए तथा काम करने वाले प्रोमोटर को मौका मिलेगा. इनकम टैक्स में बचत होने से आम जनता की सेविंग बढ़ेगी, जिससे घर खरीदने वालों को निवेश के लिए बढ़ावा मिलेगा. रेन्टल इनकम पर टीडीएस की सीमा बढ़ने का लाभ सेकंड या थर्ड होम लेने वालों को मिलेगा जो एक सकारात्मक पहल है.'
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नोएडा-गाजियाबाद में पड़े हैं 1 लाख फ्लैट, बजट घोषणाओं से रियल्टी सेक्टर को मिली बूस्टर डोज