सीबीएसई 15 फरवरी से कक्षा 10 और कक्षा 12 के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाएं शुरू करेगा. कई छात्र इस बात को लेकर चिंतित हैं कि एग्जाम में 90 प्रतिशत से अधिक अंक कैसे हासिल करें, बोर्ड परीक्षा में किस तरह के प्रश्न आएंगे और औसत से अधिक अंक हासिल करने के लिए कितने घंटे की पढ़ाई जरूरी है. आपकी इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए सीबीएसई ने जवाब दिए हैं जिनसे आप अपनी तैयारी को और ज्यादा पुख्ता कर सकते है.

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क्या प्रश्न पत्रों का कठिनाई का स्तर पिछले साल की तुलना में ज्यादा होगा?
आम तौर पर प्रश्नपत्रों का कठिनाई का  स्तर एक जैसा ही रहता है. सीबीएसई शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में सभी विषयों सैंपल क्वेश्चन पेपर जारी करता है. इन प्रश्नपत्रों को देखकर स्टूडेंट्स कठिनाई का स्तर समझ सकते हैं और एग्जाम्स की तैयारी के लिए प्रभावी योजना बना सकते हैं.

क्या सीबीएसई प्रश्नों के उत्तर देने पर अंक देता  है?
नहीं, सिर्फ स्टूडेंट्स के सही और प्रासंगिक उत्तरों के लिए ही अंक दिए जाते हैं. सीबीएसई के पास आंसर शीट के मूल्यांकन के लिए एक उत्तरदायी प्रणाली है. इसमें मानक संचालन प्रक्रियाएं हैं जिनका मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों द्वारा सख्ती से पालन किया जाता है.

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सीबीएसई सभी विषयों में सभी संभावित उत्तरों को शामिल करते हुए एक मार्किंग स्कीम विकसित कर रहा है. इसके अलावा प्रत्येक प्रश्न के लिए निर्धारित अंकों के आधार पर कुछ मूल्य बिंदु होते हैं जो उत्तर में आवश्यक होते हैं और इस प्रकार उसी पर अंक दिए जाते हैं. सटीक और ऑब्जेक्टिव मूल्यांकन के लिए मूल्यांकन दल को मूल्यांकन शुरू होने से पहले मार्किंग स्कीम पर ट्रेनिंग भी दी जाती है.

सीबीएसई में किस ग्रेड को फेल माना जाता है?
अगर किसी छात्र को ग्रेड E दिया जाता है, तो उसे Essential Repeat श्रेणी में रखा जाता है.

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परीक्षा केंद्र पर जाते समय स्टूडेंट्स को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- एग्जाम सेंटर की जगह को जरूर चेक कर लें.
- घर से इस तरह निकलने की योजना बनाएं ताकि उम्मीदवार रिपोर्टिंग समय यानी सुबह 10:00 बजे से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंच सकें.
- एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्देशों की जांच करें और उनका सख्ती से पालन करें.
- परीक्षा केंद्र में केवल वहीं वस्तुएं ले जाएं जिनकी अनुमति हो.
- परीक्षा केंद्र में मोबाइल और स्मार्ट वॉच जैसी चीजें न ले जाएं.

कक्षा 12 के छात्र को प्रतिदिन कितने घंटे पढ़ाई करनी चाहिए?
परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक समय छात्रों की परीक्षा के लिए तैयारी पर निर्भर करता है. अगर कोई छात्र परीक्षा के लिए ठीक से तैयार नहीं है, तो उसे अधिक समय देने की आवश्यकता है.

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यह देखा गया है कि अगर कोई स्टूडेंट विद्यालय में नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहता है और टीचर्स के निर्देशों का पालन करता है, तो वह कम तैयारी के साथ ही परीक्षाओं के लिए तैयार हो जाता है जबकि अगर कोई विद्यार्थी नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित नहीं रहता है तो उसे तैयारी के लिए अधिक समय की आवश्यकता होगी. स्टूडेंट्स को यह सलाह दी जाती है कि वे अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें क्योंकि दो विषयों की परीक्षा के बीच दिया गया अंतराल परीक्षा की अच्छी तैयारी के लिए पर्याप्त है.

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CBSE 2025 Board Exams Will the board exam paper be more difficult this time than last year CBSE gave the answer
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पिछले साल के मुकाबले इस बार कठिन होगा बोर्ड एग्जाम का पेपर? CBSE ने दिया जवाब
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CBSE 2025 Board Exams: क्या पिछले साल के मुकाबले इस बार कठिन होगा बोर्ड एग्जाम का पेपर? सीबीएसई ने दिया जवाब

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